बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड में करीब 200 जीपी क्लीनिकों के एनएचएस मरीजों को एक शोध परीक्षण के तहत ऐसे रक्त परीक्षण उपलब्ध कराए जाएंगे, जो एक साथ कई तरह के कैंसर के संकेत खोजते हैं। सरकार से वित्तपोषित और बर्मिंघम विश्वविद्यालय के नेतृत्व वाला STRIDE-RCT परीक्षण यह जांचेगा कि ये रक्त परीक्षण एनएचएस में व्यापक इस्तेमाल के लिए पर्याप्त सटीक हैं या नहीं।
किन मरीजों के लिए है यह परीक्षण
बीबीसी के अनुसार, इस परीक्षण में 45 वर्ष और उससे अधिक आयु के 20,000 से ज्यादा मरीज भाग लेने के पात्र होंगे। इनमें दर्द या लगातार पेट फूलने जैसे लक्षणों वाले मरीज शामिल हैं। यहां पात्र होने और वास्तव में अध्ययन में शामिल होने के बीच फर्क समझना जरूरी है: बताई गई संख्या उन मरीजों की है जो भाग लेने की शर्तों में आते हैं, न कि अध्ययन पूरा कर चुके लोगों की।
रिपोर्ट में यह व्यवस्था इंग्लैंड के करीब 200 जीपी क्लीनिकों के लिए बताई गई है। इसलिए इसे पूरे एनएचएस में इन रक्त परीक्षणों की नियमित उपलब्धता की घोषणा नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल इनका इस्तेमाल शोध के तहत होना है। व्यापक उपयोग के लायक सटीकता है या नहीं, यही वह सवाल है जिसका जवाब STRIDE-RCT से तलाशा जाएगा।
इस खबर का दायरा लक्षणों वाले, तय आयु वर्ग के मरीजों का अध्ययन है। इसे सभी उम्र के लोगों या बिना लक्षण वाले हर व्यक्ति की जांच की योजना के तौर पर नहीं पढ़ना चाहिए। बीबीसी की रिपोर्ट में बताए गए पात्रता के आधार इसी खास परीक्षण से जुड़े हैं; इनसे किसी दूसरी आबादी में परीक्षण की उपयोगिता अपने आप साबित नहीं होती।
खून में क्या खोजेंगे, नतीजे का मतलब क्या होगा
रिपोर्ट के मुताबिक, इन रक्त परीक्षणों में ऐसे प्रोटीन या डीएनए के अंश खोजे जाएंगे जो कैंसर का संकेत दे सकते हैं। यानी जांच का उद्देश्य खून में मौजूद संभावित संकेतों को पहचानना है। किसी संकेत का मिलना और कैंसर होने की पुष्टि होना एक ही बात नहीं है। इसी वजह से परीक्षण के नतीजे को समझते समय उसकी सीमाओं को साथ रखना जरूरी है।
बीबीसी ने स्पष्ट किया है कि सकारात्मक नतीजे का मतलब अपने आप कैंसर होना नहीं है। दूसरी ओर, नकारात्मक नतीजा भी कैंसर न होने की गारंटी नहीं देता। ये दोनों सीमाएं अहम हैं: केवल सकारात्मक रिपोर्ट को पक्का निदान मानना गलत होगा, और केवल नकारात्मक रिपोर्ट के आधार पर कैंसर की संभावना पूरी तरह खत्म मान लेना भी सही नहीं होगा।
STRIDE-RCT का घोषित उद्देश्य इन्हीं रक्त परीक्षणों की सटीकता को परखना है। अभी उपलब्ध जानकारी यह नहीं बताती कि अध्ययन में ये कितने सटीक साबित हुए हैं। इसलिए इनके व्यापक इस्तेमाल के लिए उपयुक्त होने को फिलहाल निष्कर्ष की तरह नहीं लिखा जा सकता। यह शोध का सवाल है, जिसका उत्तर इस परीक्षण में तलाशा जाना है।
अलग Galleri परीक्षण से क्या पता चला
बीबीसी की रिपोर्ट में एनएचएस के एक अलग Galleri परीक्षण का भी उल्लेख है। उस परीक्षण में कैंसर के उन्नत चरण में निदान की संख्या घटाने का मुख्य लक्ष्य पूरा नहीं हुआ था। यह जानकारी कई कैंसर की जांच करने वाले रक्त परीक्षणों पर चर्चा में महत्वपूर्ण सीमा सामने रखती है: जांच उपलब्ध कराना और उससे तय शोध लक्ष्य हासिल होना अलग बातें हैं।
हालांकि Galleri का नतीजा अलग परीक्षण से जुड़ा है। उसे STRIDE-RCT का परिणाम नहीं माना जा सकता। इसी तरह STRIDE-RCT शुरू होने की खबर भी उसकी सफलता का प्रमाण नहीं है। फिलहाल बीबीसी की रिपोर्ट से इतना स्पष्ट है कि इंग्लैंड में पात्र मरीजों के बीच इन रक्त परीक्षणों की सटीकता जांची जाएगी; व्यापक उपयोग का सवाल अभी शोध के दायरे में है।
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