प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान के गासा जिले की शिंताफू झील में 29 अक्टूबर 2026 की शाम ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की घटना हुई। रिपोर्ट में बताया गया है कि मो छू नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से पुनाखा में सोलर आधारित सिंचाई परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई और पुनाखा-गासा हाईवे पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई।
सिंचाई व्यवस्था बंद, नुकसान का आकलन बाकी
प्रभात खबर के अनुसार, मो छू नदी में अचानक पानी बढ़ने का असर पुनाखा की सोलर आधारित सिंचाई परियोजना पर पड़ा। बाढ़ से क्षतिग्रस्त होने के बाद यह परियोजना फिलहाल ठप है। रिपोर्ट में सिंचाई व्यवस्था को पहुंचे नुकसान का उल्लेख किया गया है, लेकिन उसका पूरा आकलन अभी नहीं हुआ है।
रिपोर्ट में एक स्थानीय प्रतिनिधि के हवाले से बताया गया है कि सिंचाई सिस्टम अभी काम नहीं कर रहा है। प्रतिनिधि के मुताबिक, नुकसान का पूरा आकलन बाकी है। ऐसे में उपलब्ध जानकारी परियोजना के क्षतिग्रस्त होने और उसके संचालन के फिलहाल बंद रहने तक सीमित है।
जोमलिंगथांग में हाईवे पर पत्थर और मलबा
प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ के साथ आए पत्थरों और मलबे ने जोमलिंगथांग इलाके में पुनाखा-गासा हाईवे के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया। सड़क पर इस रुकावट के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट में हाईवे के एक हिस्से पर अवरोध की बात कही गई है। इसके साथ ही सिंचाई परियोजना के बंद होने की जानकारी दी गई है; दोनों जगह हुए नुकसान की विस्तृत तस्वीर उपलब्ध दावों में सामने नहीं आई है।
कूचबिहार में एहतियाती तैनाती
इसी रिपोर्ट के अनुसार, संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में भी तैयारी की गई है। जिले के तूफानगंज और बॉक्सिरहाट इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF और राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। यह तैनाती संभावित खतरे के मद्देनजर बताई गई है।
स्रोत
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