प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका 2027 से इजरायल को मिलने वाली सालाना करीब चार अरब डॉलर की सहायता बंद कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इजरायल को अमेरिकी हथियारों की बिक्री जारी रहने की बात कही है; सहायता बंद होने को अभी लागू फैसला नहीं माना जा सकता।
फॉक्स न्यूज से बातचीत में क्या बोले ट्रंप
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के दिन फॉक्स न्यूज से बातचीत में सहायता बंद करने की संभावना जताई। उनके बयान में सालाना सहायता और हथियारों की बिक्री को अलग रखा गया है। यानी सहायता रोकने की बात के साथ उन्होंने हथियारों की बिक्री जारी रखने की बात भी कही है।
प्रभात खबर के मुताबिक, ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ सहायता के विषय पर पिछले कुछ वर्षों से चर्चा चल रही थी। रिपोर्ट में ट्रंप के इस बयान का उल्लेख है, लेकिन नेतन्याहू की ओर से इस चर्चा पर किसी तत्काल आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।
मौजूदा समझौते में 2028 तक सहायता का प्रावधान
रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा समझौते में वित्त वर्ष 2019 से 2028 तक इजरायल को कुल 38 अरब डॉलर की सैन्य सहायता देने का प्रावधान है। इस राशि का सालाना औसत 3.8 अरब डॉलर है। इसी सहायता को मोटे तौर पर सालाना करीब चार अरब डॉलर का पैकेज कहा जा रहा है।
इसलिए 2027 से सहायता समाप्त करने की संभावना और मौजूदा समझौते की अवधि के बीच अंतर महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, समझौता 2028 तक का है, जबकि ट्रंप ने उससे पहले सहायता रोकने की संभावना जताई है।
बयान के बाद भी प्रक्रिया क्यों अहम
प्रभात खबर की रिपोर्ट बताती है कि सहायता अमेरिकी कांग्रेस की ओर से धन आवंटित किए जाने पर निर्भर करती है। इसे 2027 से समाप्त करने के लिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव के साथ राजनीतिक और कानूनी प्रक्रियाएं अहम होंगी। ऐसे में ट्रंप के बयान को सहायता तत्काल बंद हो जाने की खबर के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
रिपोर्ट प्रकाशित होने तक नेतन्याहू या उनके कार्यालय की तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी। उपलब्ध जानकारी में सहायता बंद करने की संभावना, मौजूदा समझौते और उसके लिए जरूरी प्रक्रियाओं का ही उल्लेख है।
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