प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के रावलपिंडी में प्राकृतिक गैस की कमी और एलपीजी महंगी होने से कम तथा मध्यम आय वाले परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ी, कोयले और मिट्टी के तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रिफिल का खर्च 3,000 से बढ़कर 5,000 पाकिस्तानी रुपये होने की बात कही गई है।
दिन में तीन बार, दो-दो घंटे गैस आपूर्ति
प्रभात खबर ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से बताया है कि रावलपिंडी में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति दिन में तीन बार हो रही है। हर बार आपूर्ति की अवधि दो घंटे बताई गई है। इस तरह रिपोर्ट के अनुसार, शहर में दिनभर में कुल छह घंटे गैस मिल रही है।
सीमित गैस आपूर्ति के बीच एलपीजी का बढ़ा खर्च भी परिवारों के सामने है। रिपोर्ट में कम और मध्यम आय वाले परिवारों के दूसरे ईंधनों की ओर जाने की वजह प्राकृतिक गैस की कमी और एलपीजी की महंगाई बताई गई है। खाना पकाने में इस्तेमाल हो रहे विकल्पों में लकड़ी और कोयले के साथ मिट्टी का तेल भी शामिल है।
रिफिल के साथ नया सिलेंडर भी महंगा
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू एलपीजी सिलेंडर दोबारा भरवाने पर अब 5,000 पाकिस्तानी रुपये खर्च हो रहे हैं, जबकि पहले यह खर्च 3,000 पाकिस्तानी रुपये था। यानी सिलेंडर की रिफिल के लिए पहले के मुकाबले 2,000 पाकिस्तानी रुपये अधिक देने पड़ रहे हैं।
नया घरेलू सिलेंडर खरीदने की कीमत भी बढ़ी बताई गई है। पहले इसकी कीमत 10,000 पाकिस्तानी रुपये थी, जो अब 13,500 पाकिस्तानी रुपये हो गई है। रिपोर्ट में दिए गए ये दाम पाकिस्तानी मुद्रा में हैं।
पुराने फर्नीचर की लकड़ी भी बन रही ईंधन
प्रभात खबर की रिपोर्ट में रावलपिंडी में कोयले की कीमत 800 से 1,000 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन बताई गई है। सामान्य लकड़ी 1,300 से 1,400 पाकिस्तानी रुपये प्रति मन के भाव पर मिल रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, खाना पकाने के लिए लोग केवल सामान्य जलावन लकड़ी का ही इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। पुराने फर्नीचर की लकड़ी और कारखानों से निकलने वाला लकड़ी का कचरा भी ईंधन के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
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