संयुक्त राष्ट्र महासभा में क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग वाले प्रस्ताव के पक्ष में भारत ने मतदान किया। मतदान के विवरण के अनुसार, प्रस्ताव को 130 देशों का समर्थन मिला, जबकि अमेरिका और इजरायल सहित 17 देशों ने इसका विरोध किया।
25 देश मतदान से दूर रहे
193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा में हुए इस मतदान में 25 देश मतदान से दूर रहे। प्रस्ताव के समर्थन में वोट देने वाले देशों में भारत भी शामिल रहा। प्रस्ताव में क्यूबा पर अमेरिकी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग रखी गई थी।
मतदान में समर्थन, विरोध और मतदान से दूर रहने वाले देशों का रुख अलग-अलग रहा। जहां 130 देशों ने प्रतिबंध समाप्त करने की मांग का समर्थन किया, वहीं अमेरिका और इजरायल विरोध करने वाले देशों में रहे। मतदान से दूर रहने वाले 25 देशों ने किसी भी पक्ष में वोट नहीं दिया।
भारत ने संप्रभुता और आर्थिक विकास का मुद्दा उठाया
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर सौम्या नायर ने बाह्यक्षेत्रीय प्रभाव वाले प्रतिबंधों पर भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिबंध अन्य देशों की संप्रभुता और आर्थिक विकास पर प्रतिकूल असर डालते हैं।
नायर के वक्तव्य में प्रतिबंध लगाने वाले देश से बाहर पड़ने वाले उनके प्रभाव का मुद्दा प्रमुख रहा। उन्होंने अन्य देशों की संप्रभुता के साथ उनके आर्थिक विकास पर होने वाले प्रतिकूल असर को भी रेखांकित किया। प्रस्ताव के पक्ष में भारत का मतदान इसी विषय पर उसके रुख के अनुरूप रहा।
पिछले वर्षों के मुकाबले समर्थन घटा
मतदान से जुड़ी जानकारी के अनुसार, विगत वर्षों की तुलना में इस बार प्रस्ताव के पक्ष में पड़ने वाले वोटों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस बार भी प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों की संख्या विरोध करने वाले देशों से अधिक रही।
स्रोत
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, शोध और संपादकीय समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। सामग्री तैयार करने में AI की सहायता ली गई हो सकती है। त्रुटि या सुधार के लिए Voice of Ara संपादकीय टीम से संपर्क करें। फीचर्ड इमेज AI द्वारा निर्मित सांकेतिक चित्र हो सकती है, घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर नहीं।