प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, मौसम विज्ञान केंद्र ने 1 नवंबर को बिहार के सभी जिलों में बादल छाए रहने का अनुमान जताया है, लेकिन किसी जिले के लिए बारिश का अलर्ट नहीं है। रिपोर्ट में मौसम विभाग के हवाले से बताया गया है कि राज्य में 4 नवंबर तक बादल छाए रह सकते हैं।
पटना में 2 नवंबर को हल्की बारिश का अनुमान
रिपोर्ट के मुताबिक, पटना में 1 नवंबर को बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि, मौसम विभाग ने 2 नवंबर को राजधानी में हल्की बारिश का अनुमान दिया है। इस तरह पटना के लिए दोनों दिनों का पूर्वानुमान अलग है—पहले दिन बारिश की संभावना नहीं है, जबकि अगले दिन हल्की बारिश हो सकती है।
राज्य के बाकी जिलों के संदर्भ में रिपोर्ट में 1 नवंबर को बादल छाए रहने की बात कही गई है। उस दिन किसी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं होने की जानकारी दी गई है। वहीं, 4 नवंबर तक बादल बने रहने का अनुमान है; इसे पूरे राज्य में लगातार बारिश होने की सूचना नहीं माना जाना चाहिए।
सिमरी और रघुनाथपुर में दर्ज हुई बारिश
प्रभात खबर की रिपोर्ट में दिए गए पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार, बक्सर जिले के सिमरी में 87.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी अवधि में सीवान जिले के रघुनाथपुर में 76.2 मिलीमीटर बारिश हुई। ये आंकड़े बीते 24 घंटों में दर्ज वर्षा के हैं, आने वाले दिनों का अनुमान नहीं।
इन दोनों स्थानों की बारिश के आंकड़ों से अलग, आगे के मौसम को लेकर विभाग का पूर्वानुमान बादल छाए रहने का है। रिपोर्ट में 1 नवंबर के लिए राज्य के किसी जिले में बारिश का अलर्ट नहीं बताया गया है।
फसलों के नुकसान का होगा सर्वे
रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से धान, गन्ना, आलू और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरकार ने प्रभावित किसानों को मुआवजा देने का एलान किया है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे कराया जाएगा।
मुआवजे की घोषणा और नुकसान के आकलन के लिए होने वाला सर्वे, दोनों की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुआवजे की राशि, भुगतान की तारीख या जिलेवार नुकसान का ब्योरा नहीं बताया गया है।
स्रोत
अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, शोध और संपादकीय समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। सामग्री तैयार करने में AI की सहायता ली गई हो सकती है। त्रुटि या सुधार के लिए Voice of Ara संपादकीय टीम से संपर्क करें। फीचर्ड इमेज AI द्वारा निर्मित सांकेतिक चित्र हो सकती है, घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर नहीं।