प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में यू-डायस कोड प्राप्त कर चुके 3130 निजी स्कूलों ने आरटीई के तहत जरूरी प्रस्वीकृति नहीं ली है और बिहार शिक्षा परियोजना ने इनकी सूची शिक्षा विभाग को सौंपी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पटना के चिह्नित 432 निजी स्कूलों को प्रस्वीकृति के लिए ई-संबंध पोर्टल पर 7 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन करने का अंतिम अवसर दिया गया है।
जिलों को प्रस्वीकृति की स्थिति जांचने का निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इन स्कूलों की प्रस्वीकृति की स्थिति जांचने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बिहार शिक्षा परियोजना की ओर से सौंपी गई सूची में वे निजी स्कूल शामिल हैं, जिन्होंने यू-डायस कोड तो प्राप्त कर लिया है, लेकिन आरटीई के तहत जरूरी प्रस्वीकृति नहीं ली है।
विभागीय निर्देश में ऐसे स्कूलों की स्थिति की जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया है। रिपोर्ट में 3130 स्कूलों की प्रस्वीकृति नहीं होने का उल्लेख है, हालांकि इन स्कूलों पर जुर्माना लगाए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।
पटना में 7 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन
प्रभात खबर के अनुसार, पटना के चिह्नित 432 निजी स्कूलों को ई-संबंध पोर्टल के जरिए प्रस्वीकृति का आवेदन करना है। इसके लिए 7 नवंबर तक का समय अंतिम अवसर के रूप में दिया गया है। यह समयसीमा प्रस्वीकृति के ऑनलाइन आवेदन के लिए है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि निर्धारित समय तक आवेदन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उनका यू-डायस कोड भी रद्द किया जा सकता है। विभागीय नियमों के अनुसार, यू-डायस कोड लेने के बावजूद आरटीई प्रस्वीकृति नहीं लेने वाले स्कूलों पर एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। यह जुर्माने का प्रावधान है, इसे जुर्माना लगाए जाने की पुष्टि नहीं माना जाना चाहिए।
1937 स्कूलों के नवीनीकरण के मामले लंबित
इसी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 1937 निजी स्कूलों की प्रस्वीकृति के नवीनीकरण के मामले भी लंबित हैं। शिक्षा विभाग ने इन मामलों में तेजी लाने और एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
इस तरह रिपोर्ट में प्रस्वीकृति नहीं लेने वाले स्कूलों की जांच और लंबित नवीनीकरण, दोनों का उल्लेख है। नवीनीकरण के मामलों में विभाग ने आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है; रिपोर्ट में इनके निपटारे की पुष्टि नहीं है।
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