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जगदीशपुर जनता दरबार में 14 शिकायतें, सात महीने से बंद पेंशन बहाल कराने का निर्देश

27 Oct 2026 · admin आ
जगदीशपुर में जनता दरबार के तहत पेंशन, राशन कार्ड और जमीन संबंधी आवेदनों की सुनवाई दिखाता सांकेतिक चित्र

जगदीशपुर/आरा, 27 अक्टूबर 2026। भोजपुर जिले के जगदीशपुर में सोमवार, 26 अक्टूबर को आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की 14 शिकायतें सुनी गईं। उपसमाहर्ता स्तर पर आयोजित इस सुनवाई की अध्यक्षता एसडीएम ओम प्रकाश लाल ने की। आवेदन वृद्धावस्था पेंशन, राशन कार्ड, भूमि विवाद, आवास योजना, प्रमाणपत्र, फसल क्षतिपूर्ति और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित थे। हिन्दुस्तान की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों को अलग-अलग मामलों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

सात महीने से बंद वृद्धावस्था पेंशन का मामला

जगदीशपुर के वार्ड संख्या 13 से आए एक आवेदक ने बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन करीब सात महीने से बंद है। रिपोर्ट के मुताबिक एसडीएम ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी कर पेंशन बहाल कराने का निर्देश दिया। यहां एक महत्वपूर्ण अंतर है: निर्देश जारी होना और पेंशन खाते में दोबारा भुगतान शुरू होना अलग बातें हैं। उपलब्ध रिपोर्ट में भुगतान बहाल होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।

राशन कार्ड और बायोमेट्रिक गड़बड़ी

जनता दरबार में राशन वितरण से जुड़ा भी एक गंभीर सवाल सामने आया। बभनियाव के एक व्यक्ति ने बायोमेट्रिक गड़बड़ी के कारण उनके हिस्से का राशन किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा उठाए जाने की शिकायत की। अन्य आवेदकों ने राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, हटवाने और दस्तावेज सुधारने से संबंधित आवेदन दिए। इलाज के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पाने में दस्तावेजी दिक्कत का एक मामला भी आया। इन आरोपों की जांच और अंतिम निस्तारण के बारे में अभी पुख्ता विवरण नहीं मिला है।

जमीन, आवास और छठ घाट से जुड़े आवेदन

शाहपुर क्षेत्र से जमीन पर कब्जे के प्रयास और भूमि बंदोबस्ती से जुड़े आवेदन भी सामने आए। एसडीएम ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं स्थानीय पुलिस अधिकारियों को मामले की जांच करने और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। छठ घाट की सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण की शिकायत भी सुनवाई में रखी गई। आवास योजना से जुड़े आवेदनों और पंचायत भवन निर्माण जैसी स्थानीय जरूरतों का उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।

प्रशासनिक सुनवाई के बाद क्या बाकी है?

जनता दरबार में आवेदन की सुनवाई प्रशासनिक प्रक्रिया का शुरुआती चरण होती है। इसके बाद संबंधित विभाग को रिकॉर्ड जांचना, पात्रता तय करना और जरूरत पड़ने पर स्थल निरीक्षण करना होता है। इसलिए हर आवेदन पर उसी दिन समाधान हो जाने का दावा उचित नहीं है। आवेदकों के लिए आवेदन की प्रतिलिपि, प्राप्ति संख्या और संबंधित कार्यालय से मिलने वाले लिखित उत्तर सुरक्षित रखना उपयोगी है।

नागरिकों के लिए इस सुनवाई का मुख्य महत्व यह है कि पेंशन, राशन और जमीन जैसे रोजमर्रा से जुड़े मुद्दे एक मंच पर अधिकारियों के सामने आए। अब असली कसौटी निर्देशों की समयबद्ध कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं तक समाधान पहुंचने की होगी। इस संबंध में विभागीय कार्रवाई की पुष्टि होने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।

स्रोत

फीचर्ड इमेज सांकेतिक चित्र (एआई द्वारा निर्मित) है। यह आयोजन अथवा व्यक्तियों की वास्तविक तस्वीर नहीं है।



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