स्वास्थ्य एवं फिटनेस रिसर्च | 26 अक्टूबर 2026। आज बड़ी संख्या में लोग काम, पढ़ाई या मोबाइल स्क्रीन के कारण दिन का अधिक समय बैठे हुए गुजारते हैं। ऐसे में सवाल उठता है—क्या स्वस्थ रहने के लिए रोज घंटों जिम जाना जरूरी है, या तेज चाल से पैदल चलना और दिनभर की निष्क्रियता कम करना भी फायदेमंद है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशानिर्देशों और प्रकाशित शोध का जवाब है कि नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है, लेकिन शुरुआत हमेशा बहुत कठिन व्यायाम से करने की जरूरत नहीं। कम गतिविधि करने वाले व्यक्ति के लिए थोड़ा अधिक सक्रिय होना भी उपयोगी कदम हो सकता है।
दुनिया में शारीरिक निष्क्रियता कितनी बड़ी समस्या है?
WHO ने जून 2024 में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय विश्लेषण के आधार पर बताया कि वर्ष 2022 में दुनिया के लगभग 31 प्रतिशत वयस्क, यानी करीब 1.8 अरब लोग, अनुशंसित स्तर की शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे थे। यह 2022 का वैश्विक अनुमान है; इसे भारत के किसी एक शहर के वर्तमान आंकड़े के तौर पर नहीं पढ़ना चाहिए। WHO के अनुसार 2010 से 2022 के बीच पर्याप्त गतिविधि नहीं करने वाले वयस्कों का हिस्सा बढ़ा था। संगठन ने बताया कि निष्क्रियता का संबंध हृदय रोग, टाइप-2 डायबिटीज और कुछ कैंसर जैसे स्वास्थ्य जोखिमों से है।
यहां ‘संबंध’ और ‘कारण’ के बीच फर्क जरूरी है। आबादी से जुड़े आंकड़े स्वास्थ्य जोखिमों की दिशा दिखाते हैं, लेकिन किसी एक व्यक्ति को कोई बीमारी होगी या नहीं, यह केवल उसके दैनिक कदमों की संख्या से तय नहीं हो सकता। उम्र, नींद, भोजन, धूम्रपान, पुरानी बीमारियां, वंशानुगत जोखिम और आसपास का वातावरण भी असर डाल सकते हैं।
WHO कितनी गतिविधि की सलाह देता है?
वयस्कों के लिए WHO के दिशानिर्देश सप्ताहभर में 150 से 300 मिनट मध्यम तीव्रता की एरोबिक गतिविधि या 75 से 150 मिनट तेज तीव्रता की गतिविधि या दोनों का बराबर संयोजन सुझाते हैं। इसके अलावा प्रमुख मांसपेशी समूहों को सक्रिय करने वाली शक्ति संबंधी गतिविधियां सप्ताह में कम-से-कम दो दिन करने की सलाह है। उदाहरण के लिए सामान्यतः स्वस्थ वयस्क पांच दिनों में लगभग 30 मिनट की तेज चाल से सैर करके 150 मिनट का शुरुआती साप्ताहिक लक्ष्य पूरा कर सकता है। यह सार्वभौमिक चिकित्सकीय पर्चा नहीं है—विशेष परिस्थितियों में योजना अलग होगी।
तेज चाल से चलना आम तौर पर मध्यम तीव्रता का उदाहरण है। इसकी सरल पहचान यह है कि गतिविधि के दौरान सांस सामान्य से तेज चलती है, फिर भी व्यक्ति बातचीत कर पा रहा होता है। बहुत तेज दौड़ में बातचीत कठिन हो सकती है। यह केवल मोटा व्यवहारिक संकेत है, मेडिकल जांच का विकल्प नहीं। कोई व्यक्ति अपनी उम्र, शुरुआती क्षमता, मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार अलग गति पर मध्यम तीव्रता तक पहुंच सकता है।
क्या रोज लगातार 30 मिनट चलना जरूरी है?
नहीं। अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) की गतिविधि संबंधी मार्गदर्शिका स्पष्ट करती है कि साप्ताहिक गतिविधि को छोटे हिस्सों में बांटा जा सकता है। किसी व्यक्ति को एक बार में लंबी सैर करना कठिन लगे तो वह दिनभर में अलग-अलग समय पर कुछ मिनट की गतिविधि जोड़ने की कोशिश कर सकता है। शुरुआत की सुविधा और उसे लगातार निभा पाना अक्सर किसी बहुत महत्वाकांक्षी एक-दिवसीय लक्ष्य से ज्यादा व्यावहारिक होता है।
उदाहरण के लिए कार्यालय में लंबे समय तक बैठने वाला स्वस्थ वयस्क दिन में थोड़ी-थोड़ी सैर, घर के काम, हल्की साइकिलिंग या सीढ़ियों के इस्तेमाल जैसे अवसर तलाश सकता है। इन सभी गतिविधियों की तीव्रता समान नहीं होती; उनका कुल योगदान समय और प्रयास पर निर्भर करेगा। उद्देश्य कोई जादुई कदम संख्या पाना नहीं, बल्कि लगातार निष्क्रिय रहने की आदत में बदलाव लाना है।
बैठने का समय घटाना अलग लक्ष्य क्यों है?
व्यायाम का समय पूरा होने के बाद शेष पूरा दिन बैठकर गुजारना भी अच्छी दिनचर्या नहीं माना जाता। WHO और CDC दोनों अधिक चलने-फिरने तथा कम बैठने की सलाह देते हैं। इसके पीछे मूल विचार है कि शरीर को दिनभर गतिविधि के अवसर मिलते रहें। हालांकि हर 20, 30 या 45 मिनट में उठने से किसी निश्चित प्रतिशत तक बीमारी घटेगी—ऐसे एक जैसे सटीक दावे हर व्यक्ति के लिए पर्याप्त प्रमाणित नहीं हैं। बैठने के बीच सुविधानुसार उठना, टहलना और शरीर को हिलाना एक व्यवहारिक विकल्प है।
मांसपेशियों की मजबूती भी क्यों जरूरी है?
फिटनेस केवल दिल की धड़कन बढ़ाने वाली गतिविधि तक सीमित नहीं है। WHO वयस्कों को कम-से-कम दो दिनों में मांसपेशियों को मजबूत करने वाले अभ्यास जोड़ने को भी कहता है। ऐसे अभ्यास व्यक्ति की क्षमता और जरूरत के अनुसार शरीर के वजन, रेजिस्टेंस बैंड या अन्य सुरक्षित तरीकों से किए जा सकते हैं। शुरुआत करने वाले, वृद्धजन या किसी चिकित्सकीय प्रतिबंध वाले व्यक्ति को अधिक भार उठाने की जरूरत मान लेना सही नहीं होगा। अभ्यास का चुनाव उनके स्वास्थ्य, संतुलन, जोड़ों की स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक होना चाहिए।
बुजुर्गों के लिए क्या अलग है?
वृद्ध लोगों के लिए चलना-फिरना स्वतंत्र जीवन, संतुलन और दैनिक काम करने की क्षमता से जुड़ा है। WHO के दिशानिर्देश बुजुर्गों में शक्ति के साथ संतुलन बेहतर करने वाली गतिविधियों का भी महत्व बताते हैं। जिन लोगों को गिरने का खतरा है या चलने में कठिनाई होती है, उन्हें सुरक्षित वातावरण और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद से उपयुक्त अभ्यास चुनना चाहिए। हर उम्र के व्यक्ति के लिए एक जैसा वर्कआउट, एक जैसी गति या एक जैसे जिम उपकरण उपयुक्त नहीं होते।
शुरुआत कैसे करें: एक सामान्य, सुरक्षित ढांचा
पहला कदम: अपने दिन के उस हिस्से की पहचान करें, जिसमें आप सहजता से कुछ मिनट सक्रिय रह सकते हैं। दूसरा कदम: ऐसा काम चुनें जो आनंददायक और सुलभ हो—जैसे टहलना, हल्का नृत्य, साइकिल चलाना या घर के काम। तीसरा कदम: गतिविधि का समय और गति धीरे-धीरे बढ़ाएं। चौथा कदम: व्यायाम के साथ नींद, नियमित भोजन, पानी और मौसम की स्थिति पर भी ध्यान दें। पांचवां कदम: अपनी प्रगति को केवल वजन, स्मार्टवॉच या किसी ऑनलाइन चुनौती से न आंकें; ऊर्जा, गतिविधि की निरंतरता और आराम भी मायने रखते हैं।
बारिश, खराब सड़क, प्रदूषण, भीड़, गर्मी या सुरक्षित पैदल मार्ग की कमी छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय रहने की राह में बाधा बन सकती है। ऐसे में घर के भीतर उपयुक्त हल्की गतिविधियां एक विकल्प हो सकती हैं। हालांकि स्थान, उम्र और शारीरिक क्षमता के अनुसार सही विकल्प बदलते हैं। सार्वजनिक पार्क, फुटपाथ, स्कूल खेल मैदान और सुरक्षित सामुदायिक स्थल स्वस्थ जीवनशैली के लिए महत्वपूर्ण संसाधन हो सकते हैं।
कब पहले डॉक्टर से बात करना जरूरी है?
जिन्हें चलने पर सीने में दर्द, असामान्य सांस फूलना, बेहोशी जैसा लगना, लगातार चक्कर, असामान्य कमजोरी, गंभीर जोड़ों का दर्द या पैरों में नए लक्षण हों, उन्हें व्यायाम बढ़ाने से पहले चिकित्सकीय मूल्यांकन कराना चाहिए। ऐसे लक्षण गतिविधि के दौरान उभरें तो अभ्यास रोकना और जरूरत के अनुसार तुरंत चिकित्सा सहायता लेना उचित है। हृदय रोग, हाल की सर्जरी, गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं या अन्य स्वास्थ्य प्रतिबंध वाले लोगों के लिए डॉक्टर या योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से व्यक्तिगत मार्गदर्शन बेहतर है।
शोध से क्या निष्कर्ष निकलता है—और क्या नहीं?
उपलब्ध बड़े जनसंख्या अध्ययनों और दिशानिर्देशों का सार यह है कि नियमित गतिविधि बेहतर स्वास्थ्य से जुड़ी है और अधिकांश लोगों के लिए सक्रिय जीवनशैली लाभकारी हो सकती है। लेकिन किसी खबर में दिया गया ‘150 मिनट’ हर व्यक्ति के लिए परिणाम की गारंटी नहीं है। शोध समूह के औसत रुझानों का व्यक्तिगत बीमारी या इलाज पर सीधा अनुवाद नहीं करना चाहिए। गतिविधि बढ़ाने का लक्ष्य दीर्घकालिक आदत बनाना है, न कि कुछ दिनों में उम्र रोकना, मधुमेह ठीक करना या दवाओं का स्थान लेना।
निष्कर्ष: स्वस्थ दिनचर्या के लिए शुरुआत हमेशा भारी व्यायाम से नहीं होती। अधिक बार चलना, लंबे समय तक लगातार बैठे रहने को कम करना और अपनी क्षमता के अनुसार नियमित गतिविधि चुनना व्यावहारिक कदम हैं। अगर शरीर किसी कारण से सीमित है तो गतिविधि को व्यक्ति के अनुरूप ढालना चाहिए। सबसे बेहतर योजना वही है जो सुरक्षित हो, निभाई जा सके और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह से तय की गई हो।
प्रमुख वैज्ञानिक स्रोत
- विश्व स्वास्थ्य संगठन: Physical activity, जून 2024
- WHO: शारीरिक निष्क्रियता पर वैश्विक विश्लेषण, जून 2024
- WHO/Europe: रोजमर्रा की स्वस्थ गतिविधियों की सलाह
- CDC: वयस्कों के लिए शारीरिक गतिविधि मार्गदर्शिका
स्वास्थ्य संबंधी सूचना: यह रिपोर्ट सार्वजनिक शोध और स्वास्थ्य दिशानिर्देशों पर आधारित जागरूकता सामग्री है, व्यक्तिगत निदान या इलाज की सलाह नहीं। नए व्यायाम कार्यक्रम से पहले जरूरत के अनुसार डॉक्टर से परामर्श करें। चित्र: एआई द्वारा निर्मित सांकेतिक चित्र, किसी वास्तविक व्यक्ति या अध्ययन का फोटोग्राफ नहीं।