प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल में सरकार गठन के लिए राष्ट्रपति इसाक हर्जोग के साथ 5 नवंबर को हुए राजनीतिक दलों के परामर्श में 67 सांसदों ने गादी आइजनकोट को पहला अवसर देने का समर्थन किया। इसी प्रक्रिया में बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में 46 सांसदों ने समर्थन जताया, जबकि राष्ट्रपति के फैसले की घोषणा 8 नवंबर को होने वाली है।
परामर्श में आगे आइजनकोट, सरकार बनना अभी तय नहीं
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, राष्ट्रपति के साथ परामर्श के दौरान आइजनकोट को नेतन्याहू से अधिक सांसदों का समर्थन मिला है। यह समर्थन उन्हें सरकार बनाने का पहला अवसर देने के सवाल पर मिला है। इसे सरकार बन जाने या बहुमत वाली सरकार सुनिश्चित होने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
प्रभात खबर की रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया गया है कि परामर्श में मिला समर्थन अपने आप में बहुमत वाली सरकार की गारंटी नहीं है। इसलिए इस प्रक्रिया में आइजनकोट के पक्ष में सामने आए समर्थन और सरकार गठन की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है। फिलहाल रिपोर्ट में राष्ट्रपति के फैसले की घोषणा के लिए 8 नवंबर की तारीख दी गई है।
चुनाव के बाद किस खेमे के पास कितनी सीटें
प्रभात खबर के अनुसार, 27 अक्टूबर के चुनाव के बाद नेतन्याहू के गठबंधन के पास 53 सीटें हैं। विपक्षी खेमे के हिस्से में 48 सीटें आई हैं, जबकि अरब नेतृत्व वाली पार्टियों के पास 19 सीटें हैं। ये आंकड़े चुनाव के बाद अलग-अलग खेमों की सीटों की स्थिति बताते हैं।
वहीं, 5 नवंबर के परामर्श में बताए गए 67 और 46 सांसदों के आंकड़े सरकार बनाने का पहला अवसर देने के समर्थन से जुड़े हैं। रिपोर्ट के आधार पर अभी यही स्थिति सामने है कि परामर्श में आइजनकोट आगे रहे हैं, लेकिन राष्ट्रपति किसे अवसर देंगे, इसकी घोषणा निर्धारित तारीख पर होनी है।
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