बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अभियानकर्ताओं ने दावा किया है कि गूगल के लंदन मुख्यालय ने एसेक्स में प्रस्तावित डेटा सेंटर के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर 54,000 हस्ताक्षरों वाली याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने बुधवार को याचिका लेने से इनकार के इस दावे की न पुष्टि की और न ही उसे नकारा।
पूर्व रेसवे स्थल पर निर्माण की योजना
बीबीसी के अनुसार, गूगल की योजना एसेक्स के पूर्व एरीना एसेक्स रेसवे स्थल पर चार डेटा सेंटर इमारतें और एक कार्यालय बनाने की है। अभियानकर्ताओं की याचिका इसी प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर है।
याचिका स्वीकार नहीं किए जाने की बात अभियानकर्ताओं के दावे के रूप में सामने आई है। गूगल की ओर से बुधवार को इस पर पुष्टि या खंडन नहीं किया गया। इसलिए याचिका लेने से इनकार को कंपनी की ओर से स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जा सकता।
दुर्लभ भौंरों और पौधे को लेकर चिंता
रिपोर्ट में संरक्षणकर्ताओं के हवाले से कहा गया है कि प्रस्तावित विकास से दुर्लभ भौंरों और संकटग्रस्त ब्रॉड-लीव्ड कडवीड को खतरा होगा। उनकी चिंता उस स्थल पर निर्माण से पड़ने वाले पर्यावरणीय असर को लेकर है, जहां कंपनी डेटा सेंटर की इमारतें और कार्यालय बनाना चाहती है।
इन प्रजातियों को खतरे की बात संरक्षणकर्ताओं का आकलन है। उपलब्ध रिपोर्ट में इसे प्रस्तावित परियोजना को लेकर जताई गई चिंता के तौर पर रखा गया है, न कि निर्माण से पहले ही हो चुके नुकसान के रूप में।
गूगल ने जैव-विविधता बढ़ाने की बात कही
बीबीसी के मुताबिक, गूगल का कहना है कि वह 10 प्रतिशत जैव-विविधता शुद्ध वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए नेचुरल इंग्लैंड और पारिस्थितिकी विशेषज्ञों के साथ काम कर रहा है। यह कंपनी की ओर से परियोजना के पर्यावरणीय पक्ष पर दिया गया जवाब है।
कंपनी ने जैव-विविधता बढ़ाने के लिए काम करने की बात कही है; रिपोर्ट में यह वृद्धि हासिल हो जाने का दावा नहीं है। वहीं, याचिका स्वीकार करने से इनकार का अभियानकर्ताओं का दावा अलग मुद्दा है, जिस पर कंपनी ने पुष्टि या खंडन नहीं किया।
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