प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, भोजपुर के जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने आरा-सासाराम NH-119A परियोजना के भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान की प्रगति की समीक्षा की। इसमें भूमि अभिलेखों की कमी से लंबित मामलों पर विशेष ध्यान देते हुए संबंधित अंचलाधिकारियों को जरूरी दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
अभिलेखों की कमी से लंबित मामलों पर जोर
रिपोर्ट के मुताबिक, समीक्षा में परियोजना के लिए भूमि अर्जन और उससे जुड़े मुआवजा भुगतान की स्थिति पर चर्चा हुई। खास तौर पर उन मामलों पर ध्यान दिया गया, जिनमें जमीन के अभिलेखों की कमी के कारण भुगतान लंबित है। डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारियों को आवश्यक जमीन के दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराने को कहा।
समीक्षा के दौरान दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ उनके सत्यापन पर भी जोर दिया गया। रिपोर्ट में दिए गए निर्देश पात्र रैयतों के मुआवजा मामलों के जल्द निपटारे से जुड़े हैं। हालांकि, कितने मामले अभिलेखों की कमी के कारण लंबित हैं, इसकी संख्या उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
सत्यापन कर भुगतान मामलों के निपटारे का निर्देश
प्रभात खबर के अनुसार, जिलाधिकारी ने अभिलेखों का सत्यापन कर पात्र रैयतों के भुगतान मामलों का जल्द निपटारा करने पर जोर दिया। समीक्षा में जरूरी दस्तावेज जुटाने और उनकी जांच के निर्देश दिए गए, लेकिन किसी निश्चित तारीख तक मुआवजा मिलने की घोषणा का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं है।
परियोजना से जुड़े रैयतों के लिए फिलहाल मुख्य जानकारी यही है कि लंबित मामलों में अभिलेख उपलब्ध कराने और सत्यापन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को कहा गया है। इसे भुगतान हो जाने की सूचना नहीं माना जा सकता; रिपोर्ट में निर्देश और समीक्षा की जानकारी दी गई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी और संबंधित अंचलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। खबर में बैठक की तारीख का उल्लेख नहीं है। इसलिए समीक्षा किस दिन हुई, यह उपलब्ध विवरण से स्पष्ट नहीं होता।
स्रोत
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