प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, भोजपुर के जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में विभागों के साथ हुई समीक्षा बैठक में PNG पाइपलाइन की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। मुजफ्फरपुर में हुई दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि पाइपलाइन के पास निर्माण या खुदाई शुरू करने से पहले संबंधित विभाग उसके मार्ग और स्थिति की जानकारी लें तथा IOCL को सूचना दें।
काम शुरू करने से पहले पाइपलाइन की जानकारी लेना जरूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में पाइपलाइन के आसपास होने वाले निर्माण और खुदाई के काम को लेकर विभागों को निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि ऐसा कोई काम शुरू करने से पहले संबंधित विभाग यह जानकारी लें कि पाइपलाइन का मार्ग क्या है और उसकी स्थिति कहां है। इसके साथ ही काम की सूचना IOCL को देने का निर्देश भी दिया गया।
निर्देश में निर्माण या खुदाई शुरू होने से पहले की प्रक्रिया पर जोर है। संबंधित विभागों को पहले पाइपलाइन की जानकारी जुटानी होगी और IOCL को सूचित करना होगा। मुजफ्फरपुर की दुर्घटना के संदर्भ में हुई इस समीक्षा का केंद्र भोजपुर में पाइपलाइन की सुरक्षा और उसके आसपास किए जाने वाले कार्य रहे।
निर्माण के दौरान भी बनाए रखना होगा समन्वय
प्रभात खबर के अनुसार, डीएम ने केवल काम शुरू होने से पहले सूचना देने तक ही निर्देश सीमित नहीं रखे। उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान भी संबंधित विभागों को IOCL के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखने को कहा। यानी काम से पहले पाइपलाइन के मार्ग और स्थिति की जानकारी लेने के साथ, कार्य चलने तक भी विभागों और IOCL के बीच संपर्क बना रहना चाहिए।
बैठक में दिए गए निर्देशों में विभागों और IOCL के बीच समन्वय को पाइपलाइन की सुरक्षा से जोड़ा गया। रिपोर्ट में समीक्षा बैठक की सटीक तारीख नहीं बताई गई है।
आपात स्थिति के लिए दो संपर्क नंबर जारी
रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने पाइपलाइन से जुड़ी आपात स्थिति के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। इसके लिए IOCL का नंबर 8809275888 और टोल-फ्री नंबर 1800-180-7788 दिया गया है। ये नंबर पाइपलाइन से संबंधित आपात स्थिति में संपर्क के लिए जारी किए गए हैं।
स्रोत
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