बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अर्मेनिया की राजधानी येरेवन में करीब दो सप्ताह की वार्ता के बाद लगभग 200 देशों ने शनिवार तड़के प्रकृति संरक्षण की नई कार्ययोजना के प्रमुख हिस्सों पर सहमति बनाई। हालांकि, संरक्षण के लिए धन जुटाने के मामले में तस्वीर मिली-जुली रही और कंपनियों के योगदान वाले कैली फंड पर बहुत कम प्रगति हुई।
देशों ने माना, लक्ष्यों से पीछे हैं
बीबीसी के अनुसार, इस सप्ताह हुए समझौते में देशों ने स्वीकार किया कि वे प्रकृति संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने में पीछे चल रहे हैं। नई कार्ययोजना के प्रमुख हिस्सों पर सहमति ऐसे समय बनी है, जब तय लक्ष्यों की ओर दुनिया की प्रगति सीमित बनी हुई है।
रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र की इस सप्ताह दी गई जानकारी का भी उल्लेख है। इसके मुताबिक, दुनिया वैश्विक जैव विविधता ढांचे के 24 लक्ष्यों में से केवल एक को हासिल करने की राह पर है। यह आकलन सभी लक्ष्यों को हासिल कर लेने का नहीं, बल्कि उन तक पहुंचने की मौजूदा दिशा का है।
एक अरब डॉलर से अधिक देने का वादा
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, सम्मेलन में प्रकृति संरक्षण के लिए एक अरब डॉलर से अधिक देने का वादा किया गया। इस रकम का लगभग आधा हिस्सा परोपकारी दाताओं की ओर से आया। इन दाताओं में लियोनार्डो डिकैप्रियो का संगठन Re:wild भी शामिल है।
रिपोर्ट में इस राशि को सम्मेलन के दौरान किया गया वादा बताया गया है। इसे पूरी रकम मिल जाने के तौर पर नहीं बताया गया है। देशों के बीच कार्ययोजना पर सहमति के साथ संरक्षण के लिए वित्त जुटाने का मुद्दा भी वार्ता का हिस्सा रहा।
कैली फंड पर बहुत कम बढ़त
कैली फंड प्रकृति से मिले आनुवंशिक संसाधनों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के योगदान के लिए बनाया गया है। बीबीसी के अनुसार, येरेवन की वार्ता में इस फंड को लेकर बहुत कम प्रगति हुई।
बैठक शुरू होने तक कैली फंड में केवल 10,000 डॉलर देने का वादा हुआ था। सम्मेलन में संरक्षण के लिए घोषित एक अरब डॉलर से अधिक के कुल वादों से यह अलग आंकड़ा है।
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