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क्या आप जानते हैं? सूरज की कोई ठोस सतह नहीं, फिर हम उसकी चमकती गोलाई में क्या देखते हैं?

30 Oct 2026 · admin
सांकेतिक चित्र: क्या आप जानते हैं? सूरज की कोई ठोस सतह नहीं, फिर हम उसकी चमकती गोलाई में क्या देखते हैं?

जानकारीपरक फीचर — यह नई या ब्रेकिंग घटना की रिपोर्ट नहीं है। आसमान में सूरज एक चमकती हुई गोल गेंद जैसा दिखता है। लेकिन जिस हिस्से को हम उसकी ‘सतह’ कहते हैं, वह पृथ्वी की जमीन जैसी ठोस परत नहीं है। नासा के सूर्य संबंधी तथ्य बताते हैं कि यह अंतर हमारे तारे की बनावट, घूर्णन और तापमान की एक दिलचस्प पहेली समझने की कुंजी है।

दिखती है प्रकाश की परत, जमीन नहीं

सूरज मुख्यतः हाइड्रोजन और हीलियम का विशाल गोला है। उसका पदार्थ बेहद गर्म, विद्युत आवेशित अवस्था में है, जिसे प्लाज्मा कहते हैं। इसलिए वहां चट्टानी ग्रहों जैसी कोई ठोस जमीन नहीं है। जिसे सामान्य बातचीत में सूर्य की सतह कहा जाता है, उसका वैज्ञानिक नाम प्रकाशमंडल या फोटोस्फीयर है।

प्रकाशमंडल का अर्थ है ‘प्रकाश का गोला’। लगभग 400 किलोमीटर मोटी यह परत सूर्य के वायुमंडल की पहली परत है और सबसे अधिक दृश्य प्रकाश यहीं से निकलता है। इसका तापमान करीब 5,500 डिग्री सेल्सियस है। यही चमक सूर्य की बाहरी, अपेक्षाकृत धुंधली परतों को सामान्य परिस्थितियों में हमारी नजरों से छिपा देती है।

एक सूरज, लेकिन घूमने की अलग-अलग रफ्तार

ठोस पिंड न होने का एक रोचक परिणाम सूर्य के घूर्णन में दिखता है। उसकी भूमध्य रेखा के पास का हिस्सा लगभग 25 पृथ्वी दिनों में अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा करता है। ध्रुवों के पास इसी काम में लगभग 36 पृथ्वी दिन लगते हैं। इसलिए सूर्य पर एक ‘दिन’ की अवधि बताना उतना सीधा नहीं है।

यह अंतर याद दिलाता है कि दूर से एकसमान दिखने वाला सूरज वास्तव में गतिशील तारा है। उसकी चमकती गोलाई को किसी कठोर गेंद का बाहरी खोल मान लेना उसकी असली बनावट को समझने में बाधा बन सकता है।

बाहर की परत में तापमान की उलटी पहेली

प्रकाशमंडल के ऊपर वर्णमंडल, एक संक्रमण क्षेत्र और फिर विशाल बाहरी वायुमंडल कोरोना है। हैरानी यह है कि कोरोना का तापमान करीब 20 लाख डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है—यानी दिखाई देने वाली ‘सतह’ से कहीं अधिक। कोरोना इतना गर्म क्यों है, इसे नासा सूर्य-अध्ययन की बड़ी अनसुलझी पहेलियों में गिनता है।

पूर्ण सूर्यग्रहण में चंद्रमा जब चमकीले प्रकाशमंडल को ढक देता है, तब कोरोना सफेद मुकुट जैसा दिखाई देता है। सूर्य की तस्वीर समझते समय यह भेद उपयोगी है: चमकती सतह, बाहरी वायुमंडल और ठोस जमीन एक ही चीज नहीं हैं। सूर्य को कभी सीधे, बिना उचित नेत्र-सुरक्षा के न देखें।

स्रोत

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, शोध और संपादकीय समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। सामग्री तैयार करने में AI की सहायता ली गई हो सकती है। त्रुटि या सुधार के लिए Voice of Ara संपादकीय टीम से संपर्क करें। फीचर्ड इमेज AI द्वारा निर्मित सांकेतिक चित्र हो सकती है, घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर नहीं।



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