प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने ईरान में हुई क्षेत्रीय बैठक में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाया। जवाब में आसिफ ने कहा कि तेहरान की यह बैठक रक्षा मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती थी और वहां कोई रक्षा समझौता नहीं हुआ था।
रहमान के तंज पर सदन में हंसी
रिपोर्ट के अनुसार, मौलाना फजलुर रहमान ने बैठक में रक्षा मंत्री के शामिल नहीं होने को लेकर ख्वाजा आसिफ को घेरा। इस दौरान उन्होंने आसिफ पर तंज कसते हुए कहा, ‘कोई शर्म होती है, कोई हया होती है?’ उनके इस बयान के बाद सदन में सांसद हंसने लगे और मेजें थपथपाईं।
प्रभात खबर ने बताया कि रहमान ने अपने सवाल केवल रक्षा मंत्री की गैरमौजूदगी तक सीमित नहीं रखे। उन्होंने ईरान की इस क्षेत्रीय बैठक में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की मौजूदगी की जरूरत पर भी सवाल किया। इस तरह उन्होंने बैठक में रक्षा मंत्री के न होने और गृह मंत्री के शामिल होने, दोनों मुद्दों पर जवाब मांगा।
आसिफ ने मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र का दिया हवाला
रिपोर्ट के मुताबिक, ख्वाजा आसिफ ने जवाब में बैठक की प्रकृति और रक्षा मंत्रालय की भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना था कि तेहरान में हुई बैठक उनके मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं थी। उन्होंने वहां रक्षा समझौता किए जाने से भी इनकार किया।
आसिफ का यह जवाब रहमान की ओर से उनकी गैरमौजूदगी पर उठाए गए सवाल के संदर्भ में आया। प्रभात खबर की रिपोर्ट में रक्षा मंत्री का पक्ष यही बताया गया है कि बैठक को रक्षा मंत्रालय से जुड़ी बैठक मानना सही नहीं था।
मुनीर की कोशिशों का उल्लेख, संयम की अपील
प्रभात खबर के अनुसार, आसिफ ने अपने जवाब में आसिम मुनीर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुनीर क्षेत्र में शांति और बातचीत बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। आसिफ ने रहमान की आलोचना को अनुचित बताया और उनसे संयम बरतने की अपील की।
इस संसदीय बहस की जानकारी प्रभात खबर की रिपोर्ट पर आधारित है। रिपोर्ट में घटनाक्रम की अलग तारीख नहीं दी गई है।
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