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क्या आप जानते हैं? सारे क्षुद्रग्रह मिलकर भी चंद्रमा से हल्के, फिर क्यों खास हैं ये अंतरिक्ष पिंड?

30 Oct 2026 · admin
सांकेतिक चित्र: क्या आप जानते हैं? सारे क्षुद्रग्रह मिलकर भी चंद्रमा से हल्के, फिर क्यों खास हैं ये अंतरिक्ष पिंड?

जानकारीपरक फीचर — यह नई या ब्रेकिंग घटना की रिपोर्ट नहीं है। सौरमंडल में घूमते क्षुद्रग्रहों का आकार बहुत अलग-अलग है, लेकिन उनसे जुड़ा एक तथ्य चौंकाता है: सभी क्षुद्रग्रहों का कुल द्रव्यमान भी पृथ्वी के चंद्रमा से कम है। नासा के अनुसार, ये चट्टानी पिंड लगभग 4.6 अरब वर्ष पहले सौरमंडल के निर्माण के दौर से बचे हुए अवशेष हैं। यानी उनका महत्व केवल उनके आकार में नहीं, उनकी प्राचीनता में भी छिपा है।

एक ही नाम, आकार में बड़ा अंतर

क्षुद्रग्रहों को अंग्रेजी में ‘एस्टेरॉयड’ और कभी-कभी ‘माइनर प्लैनेट’ भी कहा जाता है। नासा इन्हें चट्टानी और वायुरहित अवशेष बताता है। अधिकांश क्षुद्रग्रह सूर्य की परिक्रमा मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित मुख्य क्षुद्रग्रह पट्टी में करते हैं। यहां ‘अधिकांश’ शब्द महत्वपूर्ण है—इसका अर्थ यह नहीं कि हर क्षुद्रग्रह इसी पट्टी में मौजूद है।

इनके आकार का अंतर समझने के लिए वेस्टा का उदाहरण उपयोगी है, जिसका व्यास लगभग 530 किलोमीटर है। दूसरी ओर, कुछ क्षुद्रग्रह 10 मीटर से भी कम चौड़े हैं। इसलिए क्षुद्रग्रह सुनते ही किसी एक निश्चित आकार की अंतरिक्ष चट्टान की कल्पना करना सही नहीं होगा।

सभी का संयुक्त द्रव्यमान चंद्रमा से कम होने की तुलना भी ध्यान से समझनी चाहिए। यहां बात कुल द्रव्यमान की है, न कि उनकी गिनती या अंतरिक्ष में उनके फैलाव की। बहुत सारे पिंड होना और उनका कुल द्रव्यमान बहुत अधिक होना अलग बातें हैं।

दूरबीन से निरीक्षण, अंतरिक्षयानों से नजदीकी अध्ययन

नासा के क्षुद्रग्रह परिचय पृष्ठ के अनुसार, कई क्षुद्रग्रहों को पृथ्वी पर मौजूद दूरबीनों से देखा गया है। इसके अलावा, नासा कई रोबोटिक अंतरिक्षयान भेजकर क्षुद्रग्रहों का नजदीक से अध्ययन भी कर चुका है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि सूचीबद्ध हर क्षुद्रग्रह तक कोई अंतरिक्षयान पहुंच चुका है।

इनका अध्ययन सौरमंडल के शुरुआती अवशेषों को समझने तक सीमित नहीं है। नासा का प्लैनेटरी डिफेंस कोऑर्डिनेशन ऑफिस ऐसे क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं को खोजने, उनकी गतिविधि पर नजर रखने और उन्हें बेहतर समझने का काम संभालता है, जिनसे पृथ्वी पर टक्कर का खतरा हो सकता है। इसका अर्थ हर क्षुद्रग्रह को खतरा मानना नहीं, बल्कि संभावित जोखिम वाले पिंडों की पहचान करना है।

स्रोत

अस्वीकरण: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, शोध और संपादकीय समीक्षा के आधार पर तैयार किया गया है। सामग्री तैयार करने में AI की सहायता ली गई हो सकती है। त्रुटि या सुधार के लिए Voice of Ara संपादकीय टीम से संपर्क करें। फीचर्ड इमेज AI द्वारा निर्मित सांकेतिक चित्र हो सकती है, घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर नहीं।



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