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Voice of Paws

उनतीस कदम और एक दोस्त

29 Oct 2026 · admin
सांकेतिक चित्र: उनतीस कदम और एक दोस्त

मौलिक काल्पनिक बाल कहानी — वास्तविक घटना नहीं।

Voice of Paws के लिए, Stray Insight Foundation के सहयोग से प्रस्तुत यह काल्पनिक कहानी है तारा की, जिसे अपनी गली का नक्शा बनाते-बनाते दोस्ती का एक नया रास्ता मिल गया।

१. नक्शे में किसकी जगह?

उनतीस अक्टूबर की सुबह नौ साल की तारा को स्कूल से मजेदार काम मिला: अपनी गली का ऐसा नक्शा बनाओ, जिसमें सिर्फ मकान नहीं, छोटी-छोटी खास बातें भी हों। उसने नीम का पेड़, साइकिल की दुकान और उस नल को बनाया, जो बंद होने पर भी टप-टप करता था।

फिर उसकी पेंसिल रुक गई। चाय की दुकान से उनतीस कदम दूर, एक भूरा गली का कुत्ता रोज छाँव में बैठता था। तारा ने उसे कई बार देखा था, लेकिन कभी पास नहीं गई थी। आज वह नक्शे में उसकी जगह बनाना चाहती थी। क्या उसके धब्बे गिनने के लिए करीब जाए?

तभी माँ सब्जियों का थैला लेकर आईं। तारा ने पूछा, “इसके कान पर सफेद निशान है या धूप पड़ी है?” माँ मुस्कराईं। “यहीं से देखते हैं। अनजान या डरे हुए जानवर के पास किसी बड़े की मदद के बिना कभी नहीं जाना चाहिए। और किसी जानवर को देखना हो, तो उसके बिल्कुल पास जाना जरूरी नहीं।”

२. दोस्ती की जल्दी नहीं

चायवाले सलीम चाचा ने बताया, “हम इसे बादल कहते हैं। यहीं रहता है, पर आज दुकान पर भीड़ है, इसलिए दूर बैठा है।” तारा ने पुकारने के लिए मुँह खोला, फिर रुक गई। बादल दूसरी ओर देख रहा था। माँ बोलीं, “इसे अपनी जगह चुनने दो। हम इसका रास्ता भी खाली रखेंगे।”

अगले कुछ दिन तारा माँ के साथ उसी रास्ते से गुजरी। वह दौड़कर बादल तक नहीं जाती, न उसे घेरती। कभी वह सूखे पत्ते सूँघता, कभी सोता मिलता। सोते समय तारा चुपचाप निकल जाती। उसके नक्शे में अब एक टेढ़ा गोला था: ‘बादल की आराम वाली जगह—यहाँ शोर नहीं।’

एक दोपहर सलीम चाचा पानी का कटोरा धो रहे थे। तारा ने मदद पूछी। माँ की देखरेख में उसने साफ पानी भरा और चाचा की बताई सुरक्षित जगह रख दिया। फिर सब पीछे हट गए। बादल आया, पानी पिया और चला गया। “इसने धन्यवाद नहीं कहा!” तारा हँसी। माँ बोलीं, “पानी पी लिया, वही काफी है।”

३. खाली जगह वाला नक्शा

शुक्रवार को बादल खुद धीरे-धीरे उनके पास आया। माँ साथ थीं और सलीम चाचा भी वहीं थे। तारा स्थिर खड़ी रही; उसने हाथ आगे नहीं बढ़ाया। बादल ने कुछ दूर से सूँघा, फिर नीम की ओर चला गया। “अरे, दोस्ती बस इतनी?” तारा ने पूछा। “आज इतनी,” माँ ने कहा। “अगली बार शायद और, शायद नहीं।”

स्कूल में तारा का नक्शा देखकर कबीर बोला, “इतनी सारी खाली जगह क्यों छोड़ी?” तारा ने नीम के नीचे पेंसिल घुमाई। “यह खाली नहीं है। यहाँ बादल आराम करता है। यह रास्ता उसके आने-जाने का है। और हम अभी दोस्त बन रहे हैं, इसलिए उसे मेरी तस्वीर के लिए बैठना जरूरी नहीं है।”

शाम को तारा ने नक्शा सलीम चाचा को दिखाया। बादल छाँव में बैठा था। उसने एक पल तारा की ओर देखा, फिर ठुड्डी पंजों पर रख ली। तारा माँ के साथ आगे बढ़ गई। उसे अब सफेद निशान साफ दिख चुका था, लेकिन नक्शे पर उसने उससे बड़ी चीज बनाई थी—किसी और के लिए छोड़ी हुई जगह।

Voice of Paws — Stray Insight Foundation के सहयोग से। यह मौलिक काल्पनिक कहानी है। चित्र एआई द्वारा निर्मित सांकेतिक चित्र है।