प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात मुरासु से तटीय आंध्र प्रदेश में करीब 1.75 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट में मौसम विभाग के हवाले से बताया गया है कि चक्रवात मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया, जिसके बाद कई हिस्सों में भारी बारिश हुई।
धान, कपास और मक्के की फसलों पर मार
प्रभात खबर ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि चक्रवात से धान, कपास और मक्के की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कृष्णा, बापटला और नंड्याल प्रमुख प्रभावित जिलों में शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चक्रवात का असर राज्य के कुल 15 जिलों के 132 मंडलों में देखा गया।
हालांकि, फसल नुकसान के क्षेत्रफल को लेकर रिपोर्ट में अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं। एक जगह 30,000 हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित होने की बात है, जबकि दूसरी जगह 30,661 एकड़ का उल्लेख है। आंकड़ों और उनकी इकाइयों में इस अंतर के कारण नुकसान के कुल क्षेत्रफल को किसी एक निश्चित आंकड़े के रूप में नहीं रखा जा सकता।
10,805 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित इलाकों से 10,805 लोगों को सुरक्षित निकालकर आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया। राज्य सरकार ने राहत के लिए 171 शिविर लगाए और 14,810 भोजन के पैकेट बांटे। ये आंकड़े चक्रवात के बाद लोगों को सुरक्षित ठहराने और भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था से जुड़े हैं।
प्रभात खबर के मुताबिक, राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की 11 टीमें तैनात की गईं। इनके साथ राज्य आपदा मोचन बल यानी एसडीआरएफ की 13 टीमें भी लगाई गईं।
कमजोर पड़ने का था मौसम विभाग का अनुमान
रिपोर्ट में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के हवाले से बताया गया है कि चक्रवात के मंगलवार देर रात तक गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने का अनुमान था। यह मौसम विभाग का पूर्वानुमान है; उपलब्ध जानकारी में इसके गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल जाने की पुष्टि नहीं दी गई है।
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