प्रभात खबर की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे मंत्रालय के निर्णय के तहत आरा जंक्शन से गुजरने वाली छह ट्रेनों में 1 नवंबर 2026 से सुपरफास्ट शुल्क नहीं लिया जाएगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन ट्रेनों को सुपरफास्ट से एक्सप्रेस श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे इनके किराये में सुपरफास्ट शुल्क के बराबर कमी आएगी।
श्रमजीवी, मगध और जनशताब्दी समेत छह ट्रेनें सूची में
प्रभात खबर ने जिन ट्रेनों के नाम दिए हैं, उनमें श्रमजीवी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन ट्रेनों की श्रेणी में बदलाव के साथ यात्रियों से लिया जाने वाला सुपरफास्ट शुल्क हटेगा। आरा जंक्शन से इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए किराये से जुड़ा यह बदलाव 1 नवंबर 2026 से लागू होना है।
सूची की अन्य तीन ट्रेनें एर्नाकुलम एक्सप्रेस, रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस और पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस हैं। रिपोर्ट में इन सभी को सुपरफास्ट से एक्सप्रेस श्रेणी में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है। इस तरह बताई गई किराया कटौती का आधार सुपरफास्ट शुल्क का हटना है, न कि पूरे किराये में किसी तय प्रतिशत की कमी।
पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ के लिए अलग तारीख का उल्लेख
पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के संबंध में रिपोर्ट में अलग से समयसीमा दी गई है। प्रभात खबर के अनुसार, इस ट्रेन के लिए बदलाव 3 जनवरी 2027 तक प्रभावी है। इसलिए इस ट्रेन से जुड़ी जानकारी में 1 नवंबर 2026 की शुरुआती तारीख के साथ 3 जनवरी 2027 तक की अवधि का भी उल्लेख है।
रिपोर्ट के मुताबिक, रेलवे के इस निर्णय के तहत संबंधित ट्रेनों के नंबरों में भी संशोधन किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संशोधित ट्रेन नंबर और प्रत्येक ट्रेन के किराये में रुपये के हिसाब से होने वाली कमी नहीं बताई गई है। किराये को लेकर रिपोर्ट में स्पष्ट जानकारी यही है कि सुपरफास्ट शुल्क के बराबर राशि कम होगी।
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